बिना प्रकृति के मनुष्य जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती: तहसीलदार प्रदीप कुमार

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पर्यावरण मनुष्य के लिए पालनहार है ,बिना प्रकृति के मनुष्य जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। प्रकृति को भारत में देवी-देवता मानकर वंदना की जाती है। यह विचार तहसीलदार प्रदीप कुमार ने शनिवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गांव प्रभोत में ब्रहमावर्त तीर्थ पर पंचवटी पौधारोपण करने उपरांत व्यञ्चत किए। प्रधान सचिव हरियाणा सरकार,वन एंव वन्यजीव विभाग चंडीगढ़ के निर्देशानुसार जिला कैथल के 50 प्रमुख तीर्थों पर पंचवती (पीपल, वट, आंवला, बेल एवं अशोका) के पौधे लगाए जानें का लक्ष्य रखा गया था।  
  तहसीलदार प्रदीप कुमार ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस का मुक्चय उद्देश्य पर्यावरण की वर्तमान परिस्थितियों के बारे में जागरूकता फैलाना है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी ग्रह पर हमारे अस्तित्व के लिए पर्यावरण सबसे महत्वपूर्ण उपकरणों में से एक है। पर्यावरण हमारा पोषण करता है और हमें जीवित रहने में मदद करता है। हम हवा, पानी और मिट्टी के बिना जीवन की कल्पना नहीं कर सकते। पौधे और जानवर जैसे जैविक घटक भी जीवित रहने के महत्वपूर्ण उपकरण हैं। उन्होंने कहा कि पौधे हमारे आसपास की हवा को शुद्ध करने में मदद करते हैं तथा हमें पौधों से भोजन मिलता है। पर्यावरण के सभी घटक पारिस्थितिक वेब के रूप में ज्ञात संबंधों के जाल में एक दूसरे पर निर्भर हैं। इस वेब को संतुलन में रखना आवश्यक है क्योंकि यदि एक घटक ढह जाता है तो पूरा वेब स

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