दर्जनों नंगे पैर रह रहे बुजुर्गों को पहनाए चप्पल जूते

0
173

मानव जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य जरूरतमंद एवं ने सहायक लोगों की सेवा और सहयोग करना है। नर सेवा ही नारायण सेवा होती है। यह विचार समाजसेवी एवं जूनियर रेड क्रॉस काउंसलर बूटा सिंह ने चीका में लोगों को मानव सेवा के लिए प्रेरित करते हुए कहे। बूटा सिंह ने कहा कि जीवन का सबसे बड़ा सुख परोपकार से ही प्राप्त होता है और परोपकार की भावना जीवन का ध्येय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी मानवता से शांति का संदेश देती है और शांति में ही मनुष्य का विकास छुपा होता है। बूटा सिंह ने बागड़ी लोहार बस्ती, कलर माजरा, पीडल, गुहला, सलेमपुर, चाणक्य इत्यादि स्थानों पर लोगों को कोविड-19  के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि जानकारी और सतर्कता से ही हम कोरोनावायरस को मात दे सकते हैं। इस महामारी के चलते हमें जरूरतमंदों की सेवा के लिए हमेशा आगे रहना चाहिए। शहर के प्रसिद्ध समाजसेवी भगवानदास जैन और सुरेंद्र सिंगला ने कहा कि मनुष्य का धर्म ही दूसरों की सेवा करना है। विकट परिस्थिति में आज हमें अपनी क्षमता से बढ़ कर जन सहयोग के लिए अपने कदम बढ़ाने चाहिए। जिला जूनियर रेड क्रॉस काउंसलर गोल्ड मेडलिस्ट प्राध्यापक राजा सिंह झींंजर ने लोगों को अफवाहों से सतर्क रहकर एकजुटता के साथ कोरोनावायरस को हराने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज हमेशा आपसी निर्भरता का उदाहरण रहा है और विकट परिस्थितियों में हमेशा प्रकृति ने मनुष्य की क्षमता का आंकलन किया है। झींजर ने कहा कि हमेशा हमें समाजसेवियों और दानी सज्जनों का हौसला बढ़ाना चाहिए ताकि हर व्यक्ति मानव सेवा के लिए बढ़-चढ़कर भाग ले। काउंसलर टीम ने कोविड-19 जनसुरक्षा थाली के साथ साथ, फेस मास्क, सैनिटाइजर, साबुन, पीसीएम टेबलेट्स, बिस्कुट पैकेट्स आदि सामान वितरित किया और नंगे पैर रह रहे बुजुर्गों एवं दिव्यांग जनों को मौके पर ही जूते चप्पल पहनाई गए।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here